समाजवादी शिक्षक सभा का प्रति निधि मंडल बुधवार को कलेक्ट्रेट में प्रभारी अधिकारी से मिला। वही मांगों से संबंधित पत्रक सौंपा और तत्काल इस पर अमल किए जाने की मांग की। प्रदेश में 5000 स्कूलों को बंद करने के निर्णय का विरोध किया गया। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल केसदस्यों ने कहा कि प्रदेश सरकार मनमाने तरीके से शिक्षकों का शोषण कर रही है। प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था खराब है। इसके लिए सरकार की उदासीनता सबसे बड़ी जिम्मेदार है। कहा कि सरकार प्राथमिक से लेकर डिग्री कालेज के शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। यह शिक्षकों के साथ अन्याय है। शिक्षक इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार गरीब के बच्चों को पढ़ने से दूर करना चाहती हैं, ताकि बच्चे निरक्षर रहकर उनकी नीतियों को पढ़ ना सके। सरकार की फैसले का समाजवादी पार्टी शिक्षक सभा के सदस्य विरोध करेंग और इसके लिए बड़ा आंदोलन भी करने को बाध्य होंगे। इसकी सारी जिम्मेदारी केंद्र और प्रदेश सरकार की होगी। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल में इंद्रजीत शर्मा, हरदेव मौर्य, बैजनाथ यादव, पूजा वर्मा, रामदास पासवान, अरविंद पटेल उपस्थित रहे।