जयमोहनी रेंज परिसर में वन विभाग के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन बुधवार को लगातार 37वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने विभाग पर विनियमितीकरण प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब और न्यूनतम वेतन को लेकर उपेक्षा का आरोप लगाया है। धरने की अध्यक्षता कर रहे जिलाजित यादव ने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। विभाग द्वारा दिए गए आश्वासन अब तक महज लीपापोती और टालमटोल साबित हुए हैं, जिससे कर्मचारियों में गहरा असंतोष है। धरना स्थल पर महेंदर यादव ने कहा कि न्यायालय के स्पष्ट निर्देश के बावजूद वर्ष 2013 से 2023 तक कार्यरत कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन नहीं मिल पाया है। जब तक यह अधिकार सुनिश्चित नहीं होता, धरना जारी रहेगा। धरने में सूर्यकांत सूबेदार, विनोद, उषा, रामसेवक, अशोक, शम्भु, सोमारुद्दीन समेत दर्जनों कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने एकजुटता दिखाते हुए अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए और चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।