प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य अभियान के तहत मंगलवार को स्थानीय पंचायत भवन में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 105 ग्रामीणों की टीबी और फाइलेरिया की मुफ्त जांच की गई। शिविर का नेतृत्व सीएचओ ज्योति सिंह ने किया। इस दौरान वाराणसी से आई विशेषज्ञ डॉक्टरों व लैब टेक्नीशियनों की टीम ने अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से ग्रामीणों के सैंपल लिए। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सभी जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित मरीजों को सूचित कर उनका उपचार शुरू किया जाएगा। सीएचओ ज्योति सिंह ने बताया कि शिविर में कुल 105 लोगों का पंजीकरण कर उनकी जांच की गई। उन्होंने कहा कि इस तरह के शिविरों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर इलाज सुनिश्चित करना है।शिविर के दौरान स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों को जागरूक भी किया। उन्होंने बताया कि अत्यधिक नशा—जैसे सिगरेट, शराब और गांजा—फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है और टीबी के खतरे को बढ़ाता है। साथ ही फाइलेरिया के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान वाराणसी से आए सीनियर लैब टेक्नीशियन अमित कुमार, टीबी लैब पर्यवेक्षक संजय कुमार , विवेक कुमार व रामवृक्ष सहित चहनिया स्वास्थ्य केंद्र के जेपी सिंह मौजूद रहे। इस दौरान एएनएम शांति देवी, आशा बहू रुक्मणी पांडेय, रेखा, तनवीर जहां, ऊषा, शर्मिला और संगिनी राजकुमारी समेत कई ग्रामीण उपस्थित रहे।