पं. कमलापति त्रिपाठी जिला अस्पताल के वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक डॉ.अजय ने कहा कि परीक्षा को लेकर तनाव और चिंता की वजाय चिंतन करें। समस्या नहीं बल्कि समाधान के बारे में सोचें इससे परीक्षा के दौरान कोई तनाव नहीं होगा। जो भी चीजें या व्यक्ति आपकी पढ़ाई में बाधक हों उनसे दूर रहें। पढ़ने के दौरान आधे-आधे घंटे का अंतराल लेकर अपनी पसंद का काम करें। वे अमर उजाला की ओर से पड़ाव स्थित जैयपुरिया स्कूल में आयोजित तनावमुक्त परीक्षा कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। डॉ.अजय ने कहा कि हमारी इच्छा होती है कि हमारा नंबर सबसे ज्यादा आए लेकिन उसके लिए हम पढ़ाई नहीं करते बल्कि हमेशा मस्ती के मूड में रहते हैं। हमारे मस्तिष्क में डोपामीन नामक हार्मोंस रिलीज होता है जिसके चलते हम वेवजह के कार्यों में फंसे रहते हैं। जैसे सोये हुए एक-एक रील ऊपर करते-करते कब दो से पांच घंटे बर्बाद हो जाता है हमें पता नहीं चलता। उसके बाद सोचने पर तनाव होता है। तनाव साकारात्मक और नाकारात्मक दो प्रकाश का होता है। सकारात्मक तनाव आपको सफलता दिला सकता है। वहीं नाकारात्मक तनाव से आप मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान हो जाते हैं। टाइम मैनेजमेंट करें और पढ़ाई के दौरान पूरा ध्यान लगाकर पढ़े इसके लिए आधे-आधे घंटे पर आपको जो पसंद हो जैसे संगीत सुनान, खेलना आदि वह काम करें फिर पढ़ें। जो विषय सबसे पसंदीदा है उसे पढ़ना पहले शुरू करें ताकि बैठने की आदत पड़े। प्रर्याप्त नींद और पौष्टिक भोजन जरूर लें, इससे ही आपकी पढ़ाई अच्छी हो सकती है। रोजाना आधे घंटे ही सही पर योग जरूर करें। इस दौरान विद्यालय की कोआर्डिनेटर राशि और अन्य शिक्षकगण मौजूद रहे।