बहुजन मुक्ति पार्टी (बीएमपी) ने रविवार को केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में जिला मुख्यालय पर 'धक्का मार आंदोलन' चलाया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और बिजली के स्मार्ट मीटरों में कथित धांधली सहित विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया तथा राष्ट्रपति को संबोधित 12 सूत्रीय ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बहुजन मुक्ति पार्टी के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं और विभिन्न सहयोगी संगठनों के लोगों ने आंदोलन में भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों से बहुजन समाज और आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। पार्टी नेताओं ने बताया कि बहुजन मुक्ति पार्टी देश के 625 जिलों में तीन चरणों में राष्ट्रव्यापी आंदोलन चला रही है। इसी क्रम में चंदौली में भी विरोध प्रदर्शन किया गया।ज्ञापन में स्मार्ट मीटरों को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए। पार्टी का कहना है कि जिस प्रकार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के जरिए कथित तौर पर जनता के वोटों की चोरी की जाती है, उसी प्रकार निजी कंपनियां स्मार्ट मीटरों के माध्यम से लोगों से अतिरिक्त धन वसूल रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने बिजली व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि 20 रुपये या उससे कम माइनस बैलेंस होने पर भी उपभोक्ताओं की बिजली तत्काल काट दी जाती है। साथ ही बहुजन बाहुल्य क्षेत्रों में अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा सामूहिक रूप से बिजली कटौती किए जाने का भी आरोप लगाया गया। इसके अलावा पार्टी ने घरेलू एवं कॉमर्शियल गैस की बढ़ती कीमतों को कम करने की मांग उठाई। ज्ञापन में कहा गया कि गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। प्रदर्शन में रामबली सत्यार्थी, बाबूलाल लोहार, भैरोनाथ, यशवंत यादव, भरत यादव, नत्थू यादव, पद्मराज, नामवर प्रसाद बागी, बाबूलाल, अरविंद कुमार, भीमराव अंबेडकर, अनिल कुमार त्रिपाठी (उपाध्यक्ष, चंदौली), सूरज राम, शिवभजन पालरहे।