चहनियां विकास खंड के टांडा कला गंगा घाट पर शनिवार शाम को रिवर रैचिंग जन जागरूकता कार्यक्रम के तहत गंगा नदी प्रणाली में भारतीय मत्स्य प्रजाति की मछलियों के संरक्षण हेतु एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत 2 लाख 35 हजार मछलियां नदी में छोड़ी गईं। राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (NFDB), भारत सरकार द्वारा प्रायोजित यह 'रिवर रैचिंग' कार्यक्रम प्रदेश में नदियों में बढ़ते प्रदूषण के दृष्टिगत और निषाद समाज एवं गंगा किनारे रहने वाले मछुआरों को रोजगार प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। यह पहल उन परिवारों के लिए आजीविका सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है जो मछलियों के शिकार पर निर्भर हैं। कार्यक्रम के तहत, मत्स्य पालन से जुड़े लोगों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड कैंप, मछुआ दुर्घटना बीमा तथा NFDB पोर्टल पर पंजीकरण का कार्य भी आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि चहनियां ब्लॉक प्रमुख अरुण कुमार जायसवाल ने मछुआरों को संबोधित किया। विशिष्ट अतिथियों में उप निदेशक मत्स्य विभाग वाराणसी सुरेश कुमार, मुख्य कार्य अधिकारी मत्स्य चंदौली संतोष कुमार चौबे, तथा एफ.डी.ओ. जितेंद्र कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में आयोजक अनिल निषाद, अमित पांडेय, अजीत पांडेय, अखिलेश सिंह, सचिन पांडे छोटू प्रजापति राजाराम प्रजापति प्रभु नारायण प्रजापति, विनोद राम आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान सैकड़ों मछुआरे भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल का स्वागत किया।