जम्मू कश्मीर के डोडा में देश की रक्षा करते हुए बलिदान हुए बुलंदशहर के खुर्जा निवासी मोनू चौधरी की अंतिम यात्रा उनके पैतृक गांव दाऊपुर के लिए रवाना हुई। शहीद के पार्थिव शरीर को जैसे ही खुर्जा लाया गया, देशभक्ति के नारों और 'मोनू चौधरी अमर रहे' के उद्घोष से पूरा माहौल गमगीन हो गया। हजारों की तादाद में पहुंचे स्थानीय लोगों, परिजनों और गणमान्य व्यक्तियों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी। खुर्जा से अलीगढ़ के लिए अंतिम यात्रा मोनू चौधरी का पार्थिव शरीर विशेष वाहन में रखकर खुर्जा के मुख्य मार्गों से होते हुए अलीगढ़ जनपद के उनके पैतृक गांव दाऊपुर के लिए रवाना किया गया। इस दौरान पूरा मार्ग तिरंगे के रंग में सराबोर दिखा। स्थानीय नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर और नारे लगाकर अपना सम्मान व्यक्त किया। अंतिम यात्रा में शामिल लोगों के चेहरों पर जहां देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवान के प्रति गर्व था, वहीं अपने बीच से एक सपूत को खोने का गहरा दुख भी था। मोनू चौधरी का अंतिम संस्कार अलीगढ़ जनपद के गांव दाऊपुर में राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ। सेना के जवानों ने शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया और शस्त्र झुकाकर उन्हें अंतिम सलामी दी। इसके पश्चात, शहीद के पार्थिव शरीर को पंचतत्व में विलीन कर दिया गया। इस दुखद अवसर पर जिला प्रशासन के अधिकारी, पुलिस अधीक्षक, सेना के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही।