बदायूं के महिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं लंबे समय से बेपटरी हैं। एसएनसीयू (सघन नवजात चिकित्सा उपचार इकाई) के हालात तो और भी ज्यादा खराब हैं। यहां भर्ती होने वाले नवजात को स्टाफ के सहारे छोड़ दिया जाता है। आरोप है कि भर्ती करने की एवज में दो हजार से 15 सौ रुपये तक वसूले जा रहे हैं। कादरचौक क्षेत्र के गांव सिसौरा निवासी मुन्नी देवी ने बताया कि उनके नवजात धेवते को भर्ती करने के नाम पर पहले स्टाफ ने दो हजार रुपये मांगे। जब रुपये न होने की बात कही तो स्टाफ 15 सौ रुपये देने की बात पड़ अड़ गया। बच्चे की जान की दुहाई देकर वह स्टाफ के सामने गिड़गिड़ाती रहीं, लेकिन स्टाफ नहीं पसीजा। शुक्रवार को उन्होंने बेटी के गहने गिरवी रखकर 1500 रुपये स्टाफ को दिए। इस सीएमओ ने कहा कि अगर रुपये के लेनदेन से संबंधित कोई मामला है तो मामले की जांच कराके दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।