बदायूं के उझानी क्षेत्र के गांव पिपरौल में रेबीज पीड़ित भैंस के दूध से तेरहवीं भोज में बने रायते का मामला लखनऊ तक पहुंच गया है। पिपरौल के हालात और ग्रामीणों की स्थिति को लेकर रिपोर्ट के जवाब में हालात सामान्य होने का दावा किया गया है, फिर भी तीसरे दिन कई महिला-पुरुष और बच्चे अस्पताल पहुंचे। 120 लोगों ने एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाए। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामेश्वर मिश्रा के जरिये चिकित्साधीक्षक के पास पत्र पहुंचा। उझानी चिकित्साधीक्षक डॉ. सर्वेश कुमार ने शासन को रिपोर्ट भेज दी है। सीएमओ ने बताया कि दूध के जरिये किसी के शरीर में रेबीज नहीं पहुंचता, लेकिन लोगों में डर पैदा हो गया था। इसलिए उनके वैक्सीन लगवाई गई हैं। उन्हें जागरूक भी किया जा रहा है।