बदायूं के बिसौली थाना क्षेत्र के गांव नागपुर में नमाज पढ़ने को लेकर दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। एक पक्ष ने आरोप लगाया कि दूसरे समुदाय के लोगों ने घर को पहले मदरसे का रूप दिया और उसे धर्मस्थल बनाकर नमाज अदा करनी शुरू कर दी। जब इस मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने दोनों समुदाय के लोगों को कोतवाली बुला लिया। जहां शाम तक दोनों समुदाय के बीच वार्ता चल रही थी। बताया जाता है कि इस गांव में नमाज पढ़ने को लेकर वर्ष 1997 में बवाल हुआ था। तभी से गांव में नमाज अदा नहीं होती है। एक बार फिर नमाज का मुद्दा गर्मा गया है।