बदायूं में जिला व शहर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त नेतृत्व में बुधवार को महात्मा गांधी के नाम और विचारों की रक्षा के लिए धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम न्यायिक राजेश कुमार को सौंपा गया। धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह ने किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने मनरेगा के नाम में बदलाव और योजना को कमजोर किए जाने का विरोध करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। पूर्व जिलाध्यक्ष ने कहा कि यह सिर्फ मनरेगा का नाम बदलने का सवाल नहीं है, बल्कि उस नफरत और असहजता का प्रमाण है, जो आरएसएस-भाजपा की राजनीति को महात्मा गांधी और कांग्रेस की विरासत से है। उन्होंने कहा कि जिस विचारधारा ने कभी गांधी को अपना नहीं माना, वही आज योजनाओं से उनका नाम मिटाने में जुटी है। पहले गांधी की हत्या हुई और आज उनके विचारों व योगदान को सार्वजनिक स्मृति से हटाने की कोशिश की जा रही है। मनरेगा पर हमला उसी राजनीति की अगली कड़ी है। कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष सुरेश सिंह राठौर ने कहा कि भाजपा का हमला सिर्फ नाम तक सीमित नहीं है, बल्कि मनरेगा की आत्मा को भी धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है। केंद्र और राज्य के बीच खर्च का अनुपात बदलकर योजना का पूरा बोझ राज्यों पर डाल दिया गया है। इससे कई जगह काम ठप हुए, मजदूरी भुगतान में देरी हुई और गरीब मजदूर हताशा में धकेल दिए गए हैं। शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुन्ना लाल सागर ने कहा कि मनरेगा कोई साधारण योजना नहीं है, बल्कि कांग्रेस की वह सोच है, जिसने भूखे हाथों को काम दिया और रोजगार को अधिकार बनाया। धरना-प्रदर्शन में शहर उपाध्यक्ष हरीश कश्यप, आसमां वी, शमीम अख्तर, योगेंद्र शर्मा, नरेश पाल शर्मा, प्रवीण कुमार, रईस सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।