उत्तर प्रदेश शिक्षक सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) परीक्षा के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को कई अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र कठिन लगा। केंद्र से बाहर निकलने पर उनके माथे पर चिंता की लकीरें दिखी। दो दिवसीय परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न होने पर प्रशासन और शिक्षा विभाग ने राहत की सांस ली। दोनों पालियों में 1862 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। बृहस्पतिवार को सुबह सात बजे से ही काशी नरेश राज्य विश्वविद्यालय, विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज समेत अन्य केंद्रो पर अभ्यर्थी उनके अभिभावक पहुंच गए। जांच के बाद सभी को केंद्र के अंदर प्रवेश दिया गया। सुबह साढ़े नौ बजे से पहली और दोपहर ढाई बजे से दूसरी पाली की परीक्षा हुई। परीक्षा की पारदर्शिता बनी रहे इसलिए कक्षों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील रहे और कंट्रोल कक्ष से भी मानीटरिंग होती रही। दूसरे दिन पहली पाली में गृह विज्ञान, जीव विज्ञान, अंग्रेजी, संगीत वादन दूसरी पाली में संस्कृत, कामर्स, कला की परीक्षा हुई। ज्ञानपुर के जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज से परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र का स्तर अपेक्षा से अधिक कठिन था। उनका कहना था कि कई प्रश्न ऐसे थे, जो तैयारी के दौरान पढ़ाए गए सिलेबस से मेल नहीं खाते थे। दूसरे दिन दोनों पालियों में मिलाकर पंजीकृत 4191 में 2329 अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया, जबकि 1862 अभ्यर्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचे। पहली पाली में पंजीकृत 1826 में से 1061 ने परीक्षा दी तो 765 अभ्यर्थियों ने किनारा कर लिया। इसी तरह दूसरी पाली में पंजीकृत 2365 में से 1097 अभ्यर्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचे। 1268 ने प्रतिभाग किया। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया की दोनों पाली में परीक्षा सकुशल संपन्न हुई। कोई परीक्षार्थी नकल करते नहीं पाया गया।