मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी आए इसके लिए कई योजनाएं संचालित हैं। गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित प्रसव कराकर मृत्यु दर कम करने के लिए तमाम प्रयास भी हो रहे, मगर अव्यवस्था की बीमारी महिलाओं के साथ उसके नवजात की भी जान ले ले रही है। आंकड़ों पर गौर करें तो 12 माह में 583 नवजात जान गंवा चुके हैं। तमाम प्रयास हो रहे इसके बावजूद मौत का आंकड़ा कम होता नजर नहीं आ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में 43 महिलाओं ने प्रसव के दौरान दम तोड़ दिया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 50 पहुंच गया।