ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने शामली के कस्बा कांधला में बुर्का न पहनने पर हुई महिला और उसके दो बच्चों की हत्या पर कड़ी निंदा की। साथ ही ऑस्ट्रेलिया के शहर सिडनी में 12 लोगों को मार दिए जाने को आतंकवादी घटना बताया। मौलाना ने कहा कि इस्लाम अपने अनुयायियों को आसानी से अमल करने की इजाजत देता है। मुस्लिम महिलाओं के लिए यह भी हुकुम दिया कि महिलाएं अपनी नुमाइश ना करें और पर्दे में रहे। इसी के साथ इस्लाम में महिला के ऊपर जोर जबरदस्ती या दबाव डालने को नहीं कहा गया। महिला के विवेक और जमीर पर छोड़ दिया कि वह अपनी मर्जी और विवेक से लिबास का इस्तेमाल करें। जो घटना जिला शामली के कस्बा कांधला में अंजाम दी गई, वह पूरी इंसानियत का कत्ल है। वहां फारुक नाम के व्यक्ति ने अपनी बीवी और दो बच्चों की हत्या कर दी। यह मुद्दा बनाया कि बीवी बुर्का नहीं पहनती थी। फारूक ने शर्मसार करने वाली घटना अंजाम को दिया, इस तरह की घटनाओं से मुसलमान और इस्लाम की बदनामी होती है। मौलाना ने आस्ट्रेलिया की घटना पर कहा कि ये आतंकवादी घटना है, आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, ये एक बीमारी है। इस बीमारी का खात्मा बहुत जरूरी है। कुछ नौजवान कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होकर सही रास्ते से भटक गए हैं और इस तरह की आतंकवादी घटनाएं अंजाम दे रहे हैं, ये मुस्लिम समाज और मुस्लिम धर्मगुरुओं के लिए चिंता की बात है। सभी लोगों को मिलजुलकर आतंकवाद के खात्मे और भटके हुए नौजवानो को सही रास्ते पर लाने के लिए विश्वव्यापी आंदोलन चलाने की जरूरत है। इस्लाम ने अम्न व शांति का पैगाम दिया है, अमेरिका की सत्ता में बैठे हुए लोग इस्लाम मज़हब को बदनाम करने में लगे हुए हैं।