रिजर्व पुलिस लाइन्स का परेड ग्राउंड रविवार को उस वक्त गौरव और अनुशासन के रंग में रंग गया, जब यहां सैकड़ों को सामयिक प्रशिक्षु आरक्षियों ने अपनी कड़ी ट्रेनिंग पूरी कर दीक्षांत परेड के साथ पुलिस सेवा में कदम रखा। एक साथ उठते कदम, गूंजती कमांड और चेहरे पर दृढ़ संकल्पयह सिर्फ एक परेड नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था की नई ताकत का सार्वजनिक ऐलान था। समारोह के मुख्य अतिथि एडीजी कानून व्यवस्था अभिताभ यश ने सलामी लेने के बाद परेड का निरीक्षण किया। उनके साथ मौजूद एसपी अर्पित विजयवर्गीय सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रशिक्षु आरक्षियों की सटीक ड्रिल और अनुशासन की सराहना की। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने स्पष्ट संदेश दिया कि पुलिस की असली पहचान उसकी ईमानदारी, संवेदनशीलता और अपराध के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ में निहित है।” उन्होंने नवप्रशिक्षित जवानों से कहा कि वे जनता के बीच विश्वास कायम करें, मैत्रीपूर्ण व्यवहार अपनाएं और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में कोई ढिलाई न बरतें। दीक्षांत परेड में 12 टोलियों के 293 प्रशिक्षु आरक्षियों ने हिस्सा लिया। उनकी एकरूपता, तालमेल और आत्मविश्वास ने यह साबित कर दिया कि महीनों की कठोर ट्रेनिंग ने उन्हें चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के लिए तैयार कर दिया है। परेड के दौरान जवानों ने राष्ट्र की एकता और अखंडता की रक्षा का संकल्प भी लिया।