कस्बा सतरिख स्थित सैयद सालार साहू गाजी की दरगाह पर लगने वाला पारंपरिक मेला इस वर्ष भी नहीं लगेगा। प्रशासन ने आयोजन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है, जिसके बाद मेला कमेटी ने आधिकारिक रूप से मेला न होने की घोषणा करते हुए वीडियो जारी किया है। हर वर्ष होने वाला यह ऐतिहासिक मेला पिछले साल भी प्रतिबंधित रहा था और इस बार भी वही स्थिति दोहराई गई है। सतरिख कस्बे के बाहर स्थित इस दरगाह पर दशकों से मेला लगता आया है। पहले इसके संचालन की जिम्मेदारी प्रशासन के पास रहती थी और पांच दिन तक चलने वाले इस आयोजन में दूर-दराज जिलों से बड़ी संख्या में दुकानदार और श्रद्धालु पहुंचते थे। पिछले वर्ष तत्कालीन थानाध्यक्ष अमर कुमार चौरसिया ने कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताते हुए मेले के आयोजन पर रोक लगाने की संस्तुति की थी। इसके साथ ही कुछ अधिवक्ताओं और एक हिंदू संगठन ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि यह मजार सैयद सालार साहू गाजी की है, जिन्हें महमूद गजनवी का सेनापति बताया जाता है। साथ ही महाराजा सुहेलदेव के साथ जुड़े ऐतिहासिक संदर्भों का भी उल्लेख किया गया। वर्ष 2025 में 14 से 17 मई तक प्रस्तावित मेले पर प्रशासन ने रोक लगा दी थी। इस बार भी मेला कमेटी ने 6 से 10 मई तक आयोजन की अनुमति के लिए प्रस्ताव भेजा, लेकिन पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके बाद एसडीएम स्तर से भी अनुमति नहीं दी गई। दरगाह प्रबंध समिति के सचिव चौधरी कलीमुद्दीन उस्मानी ने एक वीडियो जारी कर स्पष्ट किया कि प्रशासनिक अनुमति न मिलने के कारण इस वर्ष भी मेला आयोजित नहीं किया जाएगा। उन्होंने बाहर से आने वाले दुकानदारों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मेला स्थल पर न पहुंचें।