देवा के ग्वारी चौराहे के पास 22 मई की रात किराना कारोबारी आलोक जायसवाल के घर हुई लूट की वारदात डकैती निकली। छह बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया था। पांच बदमाश पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं। दो को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया जिनके पैर में गोली लगी है। सरगना बुलंदशहर का रोहित जाट अब भी फरार है। उसके महाकाल टैटू बना है जिसे कारोबारी के परिजनों ने देखा था। 22 मई की रात चार बदमाशों आलोक के घर के पीछे से लकड़ी का कुंदा तोड़ा कर अंदर घुसे और परिवार को असलहों के दम पर बंधक बना कर करीब 16 लाख नकद व 80 लाख के जेवर लूट ले गए थे। एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बुधवार को पुलिस लाइन में पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार भोर टीपहार जंगल के पास दो बदमाशों के होने की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की तो पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी। इनकी पहचान घुंघटेर के सोढ़ीपुर के सैफ व बहराइच के अलहइयापुर, कैसरगंज के जसीम के रूप में हुई। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने सीतापुर के रामपुर मथुरा क्षेत्र के चांदपुर रुधौली निवासी इस्माइल, प्रतापगढ़ जिले के देवगांव थाना सांगीपुर के बलवंत व बड्डूपुर के नोखेपुरवा गांव निवासी अबरार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 4.64 लाख रुपये बरामद किए हैं, जबकि करीब डेढ़ लाख रुपये सैफ के खाते में फ्रीज कराए गए हैं। इसके अलावा करीब डेढ़ सौ ग्राम सोने-चांदी के जेवर, चार तमंचे भी बरामद हुए हैं। गिरफ्तार बदमाश में सैफ पर लखनऊ, सीतापुर और बाराबंकी में करीब आठ गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। इस्माइल के खिलाफ 16 और जसीम के खिलाफ पांच मामले दर्ज हैं। वर्ष 2024 में सैफ लखनऊ के गुडंबा में भी मुठभेड़ में गिरफ्तार हुआ था। जेल में बना नया गिरोह, शादी तक तय की सैफ के पिता और चाचा घुंघटेर में बेकरी का कारोबार करते हैं। सैफ आलोक जायसवाल की दुकान पर माल देने जाता था। इसी दौरान उसने घर के रास्ते, कमरों की स्थिति, दिनचर्या की जानकारी जुटा ली थी। जेल में सैफ और इस्माइल की दोस्ती हुई थी। इस्माइल ने अपनी बेटी की शादी भी सैफ से तय कर दी। बाद में दोनों ने बुलंदशहर के अपराधी रोहित जाट से हाथ मिला लिया। रोहित ने नया गैंग का गठन हुआ और वारदात की पटकथा लिखी गई। चार घर में घुसे, दो करते रहे निगरानी घटना वाली रात सभी छह बदमाश एक जगह जुटे। बलवंत ने वारदात स्थल से करीब एक किमी पहले पेट्रोल पंप के पास कार रोक दी। बाकी बदमाश पैदल आगे बढ़े। उधर, अबरार ग्वारी चौराहे के पास देर रात तक पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखता रहा। जैसे ही रास्ता साफ मिला, सैफ, रोहित जाट, जसीम और इस्माइल घर में घुस गए और वारदात को अंजाम दे डाला।