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VIDEO : मिटाई जा रही है अंग्रेजों की निशानी, बाराबंकी को जल्द मिलेगा अमृत भारत स्टेशन, मिलेंगी कई सौगातें

करीब 151 साल पहले ब्रिटिश शासनकाल में शुरू किए गए बाराबंकी रेलवे स्टेशन के दिन बहुर रहे हैं। अंग्रेजों की निशानी के रूप में मौजूद स्टेशन का भवन जहां ढाया जा रहा है वहीं दूसरी ओर अमृत भारत योजना के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शिलान्यास किया गया। 34 करोड़ का नया रेलवे स्टेशन तैयार हो रहा है। यहां दो पुलों का निर्माण भी प्रस्तावित है। अमृत योजना के तहत इस स्टेशन पर वह सब सुविधाएं होंगी जो किसी आधुनिक रेलवे स्टेशन में होनी चाहिए। बाराबंकी रेलवे स्टेशन के इतिहास की बात करें तो इसे सन 1872 में शुरु किया गया था। 1940 में स्टेशन की मरम्मत व जीर्णोद्घार कराया गया। इसके बाद ऐसे ही मरम्मत का काम चलता रहा। रेलवे के व्यस्त स्टेशनों में गिने जाने वाले बाराबंकी जंक्शन को 10 साल पहले ही मॉडल स्टेशन घोषित कर दिया गया था। डेढ़ साल पहले इसे केंद्र सरकार की अमृत योजना में चयनित कर लिया गया था। योजना में चयन के बाद गत दिनों इंजीनियरों व आर्किटेक्ट की टीम ने पूरे स्टेशन का सर्वे किया था। आखिरकार स्टेशन को संवारने के लिए रेलवे ने 36 करोड़ रुपये मंजूर किए है। पूरा प्रस्ताव व नक्शा भी तैयार कर लिया गया है। करीब 6 महीने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस स्टेशन के निर्माण का वर्चुअल शिलान्यास भी कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा भवन को ध्वस्त कर अगले कई दशकों को ध्यान में रखते हुए हाईटेक भवन का निर्माण होगा। स्टेशन के दोनों ओर यात्रियों को एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए दो पुल बनेंगे। लिफ्ट व स्वचालित सीढ़ियों के साथ चारों प्लेटफॉर्म नए होंगे। नया शेड भी रखा जाएगा। रेलवे की मंशा है कि एक माह के अंदर भवन का शिलान्यास कराकर निर्माण कार्य शुरु कर दिया जाए। एक नजर में बाराबंकी जंक्शन - 125 ट्रेनों का स्टेशन से होता है आवागमन। - लगभग 10 से 12 हजार यात्री रोज पकड़ते हैं ट्रेन। - चार प्लेटफॉर्म हैं रेलवे स्टेशन पर। - 10 पटरियों पर दौड़ती हैं ट्रेनें।

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