'16 शृंगार करके लहंगे में तो कोई राजस्थानी वेशभूषा, चूनर ओढ़कर... हाथों में डांडिया स्टिक के साथ ताल के साथ ताल मिलाते कदम, गीतों संग खनकती डांडिया...' यह नजारा दिखा शुक्रवार शाम बाराबंकी में नगर पालिका में सजी डांडिया नाइट में देखने को मिला। महोत्सव में महिलाएं-युवतियां सहेलियों संग इस कदर झूमीं कि घंटों कदम नहीं रुके। ढोल बाजे, नगाड़े संग ढोल बाजे, आधा है चंद्रमा रात आधी.., दीवाने तो दीवाने हैं..., ढोली तारों ढोल बाजे.. धुन पर जमकर नृत्य किया।