गेहूं की पकी खड़ी फसल में मंगलवार दोपहर आग लग गई। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। आग की चपेट में आने से किसानों की 75 बीघा फसल जलकर नष्ट हो गई। सूचना पर पहुंची राजस्व टीम ने सर्वे शुरू कर दिया। करीब आठ लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। रामनगर तहसील के कुतलूपुर पंचायत के रमवापुर गांव के बाहर स्थित खेत में अज्ञात कारणों से आग लग गई। सूचना पाकर सैकड़ों किसान खेत की ओर दौड़े, लेकिन तब तक आग ने विकराल रूप ले लिया। आग से मोहम्मद ताहिर, मेराज, रियाज, रफीक, अफसर, अयोध्या प्रसाद, नफीसा, सिम्मी, ननकऊ, जगजीवन, माता प्रसाद, पाले, श्यामसुंदर, मुंशी, सागर, इंसान अली, मोहब्बत, रमापति, रामचंद्र, शोभित, चिरौंजी, अवधराम, केशवराम सहित अन्य किसानों की डेढ़ सौ बीघा खेत में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। हवा के कारण आग की लपटें तेजी से आगे बढ़ने लगीं और एक-एक कर दर्जनों किसानों के खेत इसकी चपेट में आ गए। किसानों ने फसलों को बचाने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन उनका प्रयास असफल रहा। करीब दो घंटे तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने मोहम्मदपुर खाला पुलिस की मदद से आग पर नियंत्रण पाया। इस संबंध में उपजिलाधिकारी रामनगर पवन कुमार ने बताया कि राजस्व कर्मियों को मौके पर भेजा गया है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर किसानों को क्षतिपूर्ति दी जाएगी।