बाराबंकी में शहर का बस स्टेशन पशु अड्डा बन गया है। जितनी बसें रात को खड़ी होती हैं, उससे ज्यादा छुट्टा बेसहारा पशुओं का भी जमावड़ा रहता है। पशु तिराहे को जाम कर देते हैं। शहर में गो आश्रय स्थल में जितने पशु हैं, उससे कहीं ज्यादा शहर में घूमते हैं। रात में सड़कों पर ही इनका जमावड़ा इन्हें गो आश्रय स्थल भेजे जाने के दावों की पोल खोलते हैं।