उतरौला/रेहराबाजार/पिपरहवा (बलरामपुर)। मौसम के अचानक बदले मिजाज ने क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार की रात से हो रही हल्की बारिश व तेज हवा के कारण खेतों में कटी पड़ी गेहूं, मसूर और सरसों की फसल भीग गई है। इससे जहां कटाई और मड़ाई का काम ठप हो गया है, वहीं फसल के नुकसान की आशंका भी गहरा गई है। रेहराबाजार क्षेत्र के किसान शब्बीर, नवादीन, दिनेश कुमार और रामदास ने बताया कि बारिश के चलते गेहूं की कटाई और मड़ाई रुक गई है। कटी फसल भीगने से दानों के खराब होने और गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि यदि लगातार बारिश हुई तो भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। पिपरहवा चौराहा क्षेत्र के नैकिनिया, बेली, मदरहवा और प्रेमनगर गांवों में भी यही स्थिति है। ग्राम बेली निवासी किसान रामसहाय ने बताया कि गेहूं की फसल काटकर खेत में ही रखी थी, लेकिन बारिश ने उसे भिगो दिया, जिससे अब सूखाने में भी दिक्कत होगी। वहीं मदरहवा के किसान चंद्रभान सिंह ने कहा कि कटी फसल के भीगने से नुकसान तय है। उतरौला क्षेत्र में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। किसान शब्बीर और राजमणि ने बताया कि कटी फसल को सुरक्षित रखने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन नमी के कारण मड़ाई का कार्य पूरी तरह प्रभावित है। वहीं कंबाइन मशीन से कटाई बढ़ने के कारण पशुओं के चारे का संकट भी गहराने लगा है। महाराजगंज तराई के परसपुर गांव और पेहर बाजार क्षेत्र में भी तेज हवा और हल्की बारिश से गेहूं की फसल गिर गई है। किसानों का कहना है कि इस समय हल्की बारिश भी महीनों की मेहनत पर भारी पड़ रही है। जिला कृषि अधिकारी उपेंद्रनाथ खरवार ने बताया कि जिले में गेहूं और सरसों की अधिकांश फसल कट चुकी है। कुछ स्थानों पर फसल की कटाई और मड़ाई का काम हो रहा है। यदि बारिश तेज हुई तो फसल को नुकसान हो सकता है। किसानों से अपील की गई है कि पकी हुई फसल को कटवाकर सुरक्षित स्थान पर रखवा दें।