अधिवक्ता अधिनियम संशोधन बिल को लेकर बैरिया तहसील के अधिवक्ताओं में जबरदस्त आक्रोश है। अधिवक्ता काली पट्टी बांधकर जुलूस की शक्ल में उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। मुख्यमंत्री, विधि मंत्री केंद्र सरकार को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी सुनील कुमार को सौंपा। अधिवक्ताओं का कहना है कि अधिवक्ता अधिनियम 1961 में संशोधन संविधान की आधारभूत संरचना पर हमला करने की नीयत से लाया गया है। इससे अधिवक्ताओं में काफी मायूसी है। बैरिया तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने प्रस्तावित एडवोकेट एमेंडमेंट बिल 2025 के संपूर्ण प्रावधानों का पुरजोर विरोध किया गया। मांग की कि अधिवक्ता और उनके परिवार के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट का प्रावधान किया जाए। परिषदों में निर्वाचित सदस्यों के अतिरिक्त कोई समाहित न किया जाए व उनके लोकतांत्रिक स्वरूप को यथावत रखा जाए। परिषदों के सदस्यों या अस्तित्व पर सुझाए गए संशोधन को तुरंत समाप्त किया जाए। छह सूत्री ज्ञापन उप जिलाधिकारी बैरिया को सौंपा। बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मिथिलेश कुमार सिंह, महामंत्री विनय कुमार सिंह, राकेश कुमार मिश्रा, ओमप्रकाश सिंह, देवेंद्र मिश्र, राम प्रकाश सिंह सहित दर्जनों अधिवक्ता मौजूद रहे।