राजकीय पॉलिटेक्निक ग्राउंड में बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 252 जोड़े ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच सात फेरे लेकर वैवाहिक बंधन में बंध गए। प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु एवं परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा गणेश जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रभारी मंत्री ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद व अपने हाथों से 24 प्रकार की उपहार देकर बेटियों की विदाई की। प्रभारी मंत्री ने कहा कि सामूहिक विवाह कार्यक्रमों ने गरीब परिवारों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है। पहले बेटियों की शादी के लिए परिवारों को जमीन बेचनी पड़ती थी या गहने गिरवी रखने पड़ते थे, लेकिन अब सरकार की पहल से किसी गरीब की बेटी का विवाह आर्थिक अभाव में नहीं रुकता। बताया कि विवाह अनुदान की राशि को 51 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया है, जो जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत है। पहले ऐसे आयोजनों पर सवाल उठते थे, लेकिन अब ये विवाह सात जन्मों का सच्चा बंधन साबित हो रहे हैं। यह सिर्फ दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों का मिलन है, जिससे समाज को मजबूती मिलती है। कहा कि सात जन्मों तक साथ निभाने का संकल्प लें और अपने जीवन की नई शुरुआत खुशहाली के साथ करें। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कहा कि योजना जनपद के गरीब परिवारों की बेटियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस योजना के तहत 51,000 रुपये की सहायता दी जाती थी, जिसे बढ़ाकर अब रुपए एक लाख कर दिया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि इस राशि में 60 हजार रुपये सीधे वधू के बैंक खाते में हस्तांतरित किए जाएंगे, जबकि 25 हजार रुपये की उपहार सामग्री नवदंपतियों को प्रदान की जा रही है। शेष राशि आयोजन की व्यवस्थाओं पर व्यय की जाती है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, सीडीओ ओजस्वी राज, नीरज शेखर, श्रीमती सुनीता श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा, कोषाधिकारी आनंद दुबे एवं समस्त जिला स्तरीय अधिकारीगण मौजूद रहे।