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Video: उम्मीद और सपनों के साथ लौट रहे थे घर, हादसे से मची चीख-पुकार

लखीमपुर-नानपारा मार्ग पर सोमवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे ने बहराइच के छह परिवारों की खुशियां छीन लीं। कोई रोजी-रोटी कमाकर लौट रहा था तो कोई बेहतर भविष्य के सपनों के साथ घर आने की तैयारी में था, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने सबकुछ खत्म कर दिया। जैसे ही मौत की खबर गांवों और घरों तक पहुंची, हर तरफ चीख-पुकार मच गई। धौरहरा तहसील के ग्राम अदलीसपुर के मजरा भरेहटा के पास मैजिक और ट्रक की आमने-सामने की टक्कर में 10 लोगों की मौत हो गई। इनमें छह लोग बहराइच जिले के निवासी थे। जबकि सीतापुर निवासी एक शिक्षिका जिले के रायबोझा में तैनात थी। हादसे के बाद गांवों में मातम पसर गया। मिहींपुरवा निवासी राजेश गोयल इलाके के जाने-माने व्यापारी थे। परिवार की जिम्मेदारियां उनके कंधों पर थीं। हादसे की सूचना मिलते ही उनके घर पर लोगों की भीड़ जुट गई। परिजन बेसुध होकर रोते रहे। पत्नी और बेटी नोएडा में हैं वह भी घर के लिए निकल चुके हैं। वहीं, मोतीपुर थाना क्षेत्र के मनगौढ़िया निवासी जयवीर सिंह सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे। ग्रामीणों के अनुसार जयवीर पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी थे और नौकरी लगने के बाद परिवार का बड़ा सहारा बन गए थे। उनकी मौत की खबर से पूरे गांव में सन्नाटा छा गया। रामवचनपुरवा निवासी पवन कुमार और सोहन राजभर सगे भाई बताए जा रहे हैं। दोनों मेहनत-मजदूरी कर परिवार का सहारा बनते थे। एक साथ दोनों बेटों की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। ककरहा निवासी सहजराम निषाद और देवदत्तपुर निवासी पप्पू भी काम के सिलसिले में निकले थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनका आखिरी सफर साबित होगा। लखीमपुर के इस हादसे से मनगौढ़िया, रामवचनपुरवा, मिहींपुरवा और खैरीघाट क्षेत्रों में परिजन बदहवास हैं। घरों में रोने-बिलखने की आवाजें गूंज रही हैं। रातभर दरवाजे पर टिकी रहीं निगाहें, सुबह पहुंची मौत की खबर परिजन रातभर अपनों के लौटने का इंतजार करते रहे। किसी घर में खाना बनाकर रखा गया था तो कहीं बच्चे पिता के आने की राह देख रहे थे। सुबह हादसे की सूचना पहुंचते ही परिवारों में कोहराम मच गया। कई महिलाएं बदहवास होकर जमीन पर गिर पड़ीं। गांवों में देर तक मातमी सन्नाटा पसरा रहा। कमाने वाले चले गए, परिवारों के सामने संकट मृतकों में अधिकांश अपने परिवार के कमाने वाले सदस्य थे। राजेश गोयल कारोबार संभालते थे, जबकि जयवीर सिंह आईटी क्षेत्र में नौकरी कर रहे थे। अन्य युवक भी मजदूरी और काम के सिलसिले में बाहर रहते थे। हादसे के बाद अब परिवारों के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। स्कूल में हाजिर होने आ रही थीं गायत्री सीतापुर शहर के कोतवाली नगर क्षेत्र के विजय लक्ष्मीनगर मोहल्ला निवासी गायत्री वैश्य (44) बहराइच जिले के प्राथमिक विद्यालय रायबोझा में सहायक अध्यापिका के पद पर तैनात थीं। रविवार के अवकाश के बाद वह स्कूल में हाजिर होने के लिए लौट रही थीं। वह भी इस हादसे का शिकार हो गईं।

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