उत्तर प्रदेश के बहराइच में वीरता और स्वाभिमान के प्रतीक महाराजा सुहेलदेव के स्मारक स्थल पर भव्य आयोजन किया जा रहा है। वीर योद्धा सोहेलदेव की याद में चितौरा झील के तट पर विशाल स्मारक स्थल बनाकर धरोहर के रूप में विकसित किया जा रहा है। बताया जाता है कि महाराजा सुहेलदेव,श्रावस्ती के राजा, अपनी वीरता और नेतृत्व के लिए प्रसिद्ध थे। माना जाता है कि उन्होंने 1034 ईस्वी में बहराइच के चित्तौरा क्षेत्र में महमूद गजनवी के भतीजे, आक्रमणकारी सैयद सालार मसूद को निर्णायक युद्ध में पराजित कर मार गिराया था। इस ऐतिहासिक विजय के बाद लंबे समय तक किसी विदेशी आक्रांता ने उत्तर भारत पर आक्रमण करने की हिम्मत नहीं की। इतिहासकारों की माने तो महाराजा सुहेलदेव श्रावस्ती नरेश के राजा थे जिनका साम्राज्य नेपाल से लेकर कौशांबी और वैशाली से गढ़वाल तक फैला था। उनकी वीरता की गाथा लोक कथाओं और इतिहास दोनों में जीवित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 16 फरवरी 2021 को महाराजा सोहेलदेव की याद में एक भव्य स्मारक स्थल की आधारशिला बहराइच के चितौरा में रखी और तकरीबन 44 करोड़ की लागत से इस जगह को पर्यटन के रूप में विश्व पटल पर ले जाने का संकल्प लिया। आपको बता दें कि चितौरा झील के किनारे महाराजा सुहेलदेव का भव्य स्मारक स्थल बनवाया गया है जहां पर सोहेलदेव की 40 फीट की प्रतिमा स्थापित की गई है यही नहीं इस स्मारक स्थल पर म्यूजियम, लाइब्रेरी सुंदर एवं हरे भरे पार्क व झील का सौंदरीकरण किया गया है। महाराजा सुहेलदेव का स्मारक स्थल व पर्यटन केंद्र पूरा होने के बाद एक बार फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस स्थल पर पहुंचेंगे और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से जुड़कर स्मारक स्थल का शुभारंभ करेंगे। यही नहीं उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ स्मारक स्थल का शुभारंभ करने के बाद तकरीबन 1200 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे।