लाल-नीली बत्ती और सायरन के सहारे खुद को अधिकारी बताकर टोल प्लाजा पार करने के मामले में पकड़े गए सभी आरोपियों को विधिक प्रक्रिया के तहत जमानत मिल गई है। जमानत के बाद भी जांच एजेंसियां मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल में जुटी हुई हैं। प्रभारी निरीक्षक रुपईडीहा रमेश सिंह रावत ने बताया कि उनकी जमानत आज हो गई है, शेष जानकारी जुटाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपी नेपालगंज जा रहे थे। बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ लोगों पर पहले से ही जुए से जुड़े मुकदमे दर्ज हैं। इसी आधार पर यह आशंका जताई जा रही है कि नेपालगंज जाने का उद्देश्य भी जुए से संबंधित गतिविधियों से जुड़ा हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। जानकारों के अनुसार नियमतः भारत से नेपाल जाते समय एक व्यक्ति अधिकतम 25,000 रुपए नगद ही अपने साथ ले जा सकता है। ऐसे में आरोपियों की गतिविधियों और उनके आवागमन के उद्देश्य को लेकर सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से जांच कर रही हैं। मामले में सशस्त्र सीमा बल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जमानत मिलने के बावजूद यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।