एलपीजी वितरक संघ ने डिलीवरी प्रभार और प्रशासकीय शुल्क में वृद्धि की मांग को लेकर गुरुवार को जिला प्रशासन के माध्यम से भारत सरकार, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय को ज्ञापन सौंपा। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग स्वीकार नहीं की गई, तो चरणबद्ध आंदोलन और अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। एलपीजी वितरकों का कहना है कि 19 अप्रैल 2025 को राष्ट्रीय अधिवेशन में पारित संकल्पों के अनुसार डिलीवरी एवं प्रशासकीय शुल्क में वृद्धि आवश्यक है। वितरकों ने कहा कि पिछले दो वर्षों में कोविड-19 के कारण यह वृद्धि नहीं हुई और 2022 में की गई वृद्धि पर्याप्त नहीं थी। उनका कहना है कि सरकारी कर्मचारियों और तेल कंपनी के अधिकारियों को हर वर्ष महंगाई भत्ते मिलते हैं, जबकि वितरकों के शुल्क में वृद्धि नहीं होने से असंतोष बढ़ा है। एलपीजी वितरक संघ ने अपने आंदोलनों की रुपरेखा भी तय कर ली है। संघ ने सरकार से घरेलू डिलीवरी और प्रशासकीय शुल्क में तत्काल 75 रुपये की वृद्धि करने की अपील की है। वितरक संघ का कहना है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए बाध्य होंगे। वितरकों ने यह भी आरोप लगाया कि तेल कंपनियों के अधिकारियों द्वारा कई वितरकों को प्रताड़ित किया गया है, और कुछ ने इस दबाव के कारण आत्महत्या तक कर ली है। इस मौके पर दूधनाथ सरोज, चंद्रमुनि यादव, आलोक सिंह, प्रशांत अग्रवाल, देवेंद्र कुमार, नंदलाल चौहान, राजेश कुमार, पंकज यादव आदि मौजूद रहे।