नारी शक्ति वंदन अधिनियम विषयक सम्मेलन एवं प्रेस वार्ता का आयोजन शुक्रवार को नेहरू हॉल में किया गया। कार्यक्रम में समाज की प्रतिष्ठित महिलाएं, चिकित्सक, शिक्षाविद, साहित्यकार, महिला अधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। जिला सूचना अधिकारी डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि यह आयोजन महिला सशक्तीकरण को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है। जिस प्रकार संसद में 16 से 18 अप्रैल 2026 तक विशेष सत्र के माध्यम से नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा हो रही है, उसी क्रम में जनपद स्तर पर भी इसके महत्व को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. ज्योत्सना द्विवेदी ने कहा कि इस अधिनियम से संसद एवं विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और समावेशी विकास को मजबूती मिलेगी। इसके तहत 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। प्रोफेसर एवं साहित्यकार डॉ. गीता सिंह ने कहा कि इस अधिनियम से राजनीति में महिलाओं की भागीदारी और निर्णय प्रक्रिया में उनकी भूमिका सुदृढ़ होगी, जिससे लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा। विभा बरनवाल ने बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम (128वां संविधान संशोधन विधेयक) सितंबर 2023 में पारित एक ऐतिहासिक कानून है, जिसका उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना है। शिक्षाविद डॉ. ऋतंभरा ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाएं हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं और देश निर्माण में उनकी भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। वहीं नारी शक्ति संस्थान की सचिव डॉ. पूनम तिवारी ने स्वतंत्र भारत के निर्माण में महिलाओं के ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी महिलाओं की बढ़ती भूमिका और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में उनके योगदान को रेखांकित किया। समाजसेवी मिथिलेश पांडेय ने बताया कि सरकार द्वारा 16, 17 एवं 18 अप्रैल 2026 को विशेष सत्र आयोजित कर अधिनियम को प्रभावी रूप देने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर जिला प्रोबेशन अधिकारी सुबोध सिंह, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत अशोक मद्धेशिया आदि उपस्थित थे।