आजमगढ़ जिले में शनिवार शाम जमीन विवाद को लेकर एक दर्दनाक घटना सामने आई। रौनापार थाना क्षेत्र के मार्रा कर्मनाथपट्टी गांव निवासी रजनीश पांडेय (45) की सिकरौड़ा पुलिया के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जबकि दूसरी ओर परिजन एफआईआर में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गए।
हत्या कैसे हुई?
जानकारी के मुताबिक, रजनीश अपनी पत्नी—जो जिला महिला अस्पताल में एएनएम पद पर कार्यरत हैं—से मिलने अस्पताल लौट रहे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे इंद्रसेन, भीमसेन, उग्रसेन, आजम और नगीना सिंह ने कथित रूप से रास्ता रोक लिया।
तहरीर में मृतक के पिता राघव पांडेय ने आरोप लगाया कि साथियों के उकसाने पर नगीना सिंह ने उनके बेटे को गोली मार दी। घायल रजनीश को 112 पुलिस जिला अस्पताल ले गई, जहां उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
पुराना विवाद बना वजह?
परिजनों का कहना है कि आरोपी पक्ष से भूमि विवाद लंबे समय से चल रहा था और रजनीश को कई बार जान से मारने की धमकियां भी मिल चुकी थीं। यह मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है।
परिजनों का विरोध प्रदर्शन
रविवार सुबह परिजन और ग्रामीण आजमगढ़–बिलरियागंज मार्ग पर बैठकर जाम लगा दिए। करीब आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा। तनाव को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
एफआईआर में बयान गायब होने का आरोप
परिजनों का गंभीर आरोप है कि मरने से पहले रजनीश ने पुलिस को बयान दिया था, जिसमें हमलावरों के नाम और घटना का विवरण बताया गया था। उनका कहना है कि पुलिस के पास इस बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद है, लेकिन एफआईआर में इसका जिक्र नहीं किया गया।
परिजनों की मांग:
एफआईआर में रजनीश के दिए गए अंतिम बयान को शामिल किया जाए
बयान की वीडियोग्राफी परिजनों को उपलब्ध कराई जाए
सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाए
जाम की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और समझाकर भीड़ को हटाया। इसके बाद परिजन जिला अस्पताल पहुंचे, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया।