श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की दानराशि में कथित गड़बड़ी के मामले को लेकर संत समाज में भी गहरी नाराजगी दिखाई देने लगी है। राम मंदिर आंदोलन से जुड़े प्रमुख संतों ने इस पूरे प्रकरण को करोड़ों रामभक्तों की आस्था पर चोट बताते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। राम मंदिर आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नाका हनुमानगढ़ी के महंत महंत रामदास ने कहा कि इस पूरे प्रकरण से अत्यंत पीड़ा हो रही है। उन्होंने कहा कि केवल संत समाज ही नहीं, बल्कि देश-विदेश के करोड़ों रामभक्तों के हृदय को इससे ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने भगवान राम के नाम पर श्रद्धा और विश्वास के साथ दान दिया, उनकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। महंत रामदास ने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी हों, उनके खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार लोगों को नैतिकता के आधार पर अपने पदों से इस्तीफा देना चाहिए और समस्त हिंदू समाज से माफी मांगनी चाहिए। वहीं राम मंदिर आंदोलन के प्रत्यक्षदर्शी और संत महंत विवेक आचारी ने इस पूरे घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1986 से शुरू हुए आंदोलन में उनके पिता आचार्य नारायणाचारी ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई थी। वे रामचंद्र दास परमहंस के साथ मिलकर आंदोलन की आवाज बुलंद करते रहे। उन्होंने कहा कि वह स्वयं आंदोलन और उससे जुड़े संघर्षों, यहां तक कि गोलीकांड के भी साक्षी रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे सनातन समाज की छवि को भी नुकसान पहुंचा है। यदि दानराशि में गड़बड़ी या चोरी के आरोप सिद्ध होते हैं तो दोषियों को ऐसा कठोर दंड मिलना चाहिए।