जनवादी लेखक संघ और प्रगतिशील लेखक संघ फैजाबाद के संयुक्त की ओर से में बजाजा सभागार में बीएचयू के पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. सदानंद शाही के कविता संग्रह संगतराश पर केंद्रित पुस्तक चर्चा और काव्यपाठ का आयोजन हुआ। प्रो. शाही ने कहा कि वर्तमान समय में मानवीयता और संवेदना के सामने बढ़ते संकट के कारण कविता की आवश्यकता पहले से अधिक हो गई है। उन्होंने संग्रह की संगम, मँझली मामी, संगतराश और गांधीनामा सहित कई कविताओं का पाठ किया। अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ कवि स्वप्निल श्रीवास्तव ने कहा कि शाही की कविताएं स्मृति, स्थानीयता और जीवन यथार्थ से जुड़ी हैं। कार्यक्रम में रघुवंशमणि, विशाल श्रीवास्तव, सीबी भारती, आरडी आनंद सहित कई साहित्यकारों ने विचार रखे। संचालन मुजम्मिल फिदा ने किया।