अयोध्या के रुदौली तहसील क्षेत्र में सरयू नदी के लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए तहसील प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन के लिए पांच सरकारी नावों की व्यवस्था की है। अमर उजाला की टीम ने सरकारी नावों की हकीकत परखी तो व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आई। मौके पर सरकारी नावें काफी जर्जर हालत में दिखाई दीं, वहीं सुरक्षा के लिहाज से नावों पर लाइफ जैकेट की कोई व्यवस्था नहीं मिली। बाढ़ के दौरान ग्रामीणों और प्रभावित लोगों को सुरक्षित नदी पार कराने के लिए नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में नावों पर लाइफ जैकेट का न होना गंभीर लापरवाही को उजागर करता है। यदि नाव से सफर के दौरान कोई हादसा होता है तो यात्रियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े हो सकते हैं। सरकारी नाव के चालक राम स्वारथ ने बताया कि प्रशासन की ओर से अभी तक लाइफ जैकेट उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। वहीं मौके पर मौजूद लेखपाल नकछेद और कानूनगो ने भी माना कि लाइफ जैकेट के लिए मांग की गई है। उनका कहना था कि जल्द ही लाइफ जैकेट उपलब्ध करा दी जाएंगी। सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ने के बीच प्रशासन की ओर से नावों की व्यवस्था तो की गई है, लेकिन नावों की हालत और सुरक्षा उपकरणों की कमी बाढ़ तैयारियों पर सवाल खड़े कर रही है। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए जर्जर नावों को दुरुस्त कराने के साथ प्रत्येक नाव पर पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट उपलब्ध कराना जरूरी है।