अयोध्या जिले की बीकापुर कोतवाली क्षेत्र के मरुई सहाय सिंह गांव में बुधवार सुबह रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुआ खूनी संघर्ष हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के लोग कुल्हाड़ी, लाठी और लोहे की रॉड लेकर आमने-सामने आ गए। संघर्ष में दोनों पक्षों के कुल सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में तीन की हालत चिंताजनक होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है। बताया गया कि गांव में लंबे समय से चले आ रहे रास्ते के विवाद को लेकर बुधवार को दो पक्षों में कहासुनी शुरू हुई। विवाद बढ़ने पर दोनों ओर से मारपीट शुरू हो गई। लाठी डंडे और धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया। घटना से गांव में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। संघर्ष में एक पक्ष के अजय यादव (28 वर्ष), संजय यादव (25 वर्ष), जगदीश प्रसाद (50 वर्ष) तथा सुनीता देवी (45 वर्ष) घायल हो गए। वहीं दूसरे पक्ष के प्रेम कुमार यादव (45 वर्ष), अनीता देवी (30 वर्ष) और अपील (36 वर्ष) को गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक अमरेंद्र बहादुर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। सभी घायलों को तत्काल बीकापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया। सीएचसी बीकापुर में तैनात चिकित्सक डॉ. धर्मेंद्र रंजन ने बताया कि घायल प्रेम कुमार यादव, अनीता देवी और अपील की स्थिति अधिक गंभीर थी। प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्ष के घायलों का मेडिकल परीक्षण कराते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। गांव में तनाव को लेकर पुलिस कर्मियों की तैनाती भी की गई है। ग्रामीणों ने बताया कि रास्ते को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले भी कई बार विवाद हो चुका है। बुधवार को यही विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इंस्पेक्टर अमरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि गंभीर घायलों को जिला अस्पताल भेजवाया गया है।