रामनगरी में अब बारिश के दौरान रामपथ को जलभराव से मुक्त रखने की कवायद शुरू हो गई है। इस दिशा में पहल करते हुए नगर निगम लता मंगेशकर चौक से सहादतगंज तक लगभग 13 किलोमीटर लंबे मार्ग पर ड्रेनेज प्वाइंट की नंबरिंग करवा रहा है। इस पथ के डिवाइडर के नीचे स्थित जालियों को चिन्हित किया जा रहा है। बारिश के दौरान जलभराव से रामपथ भी अछूता नहीं रह पाता है। लता चौक से सहादत गंज तक कई स्थानों पर डिवाइडर के आसपास जलभराव हो जाता है। ऐसे में चार और दो पहिया वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी होती है। इतना ही नहीं इस दौरान फुटपाथ पर पैदल आवाजाही कर रहे लोगों पर सड़क पर भरे पानी के वाहनों के गुजरने के दौरान छींटे भी पड़ते हैं। ऐसे में रामपथ पर निर्माण के दौरान जल निकासी के लिए किए गए प्रावधानों पर भी सवाल खड़े होते हैं। इसको लेकर कई बार लोक निर्माण विभाग की ओर से नगर निगम को जिम्मेदार ठहरा दिया जाता है जबकि नगर निगम के अफसर का तर्क होता है कि उनकी जिम्मेदारी सिर्फ रामपथ की सफाई की है। जल निकासी की व्यवस्था से उनका कोई सरोकार नहीं है। दोनों विभागों की इस रस्साकसी के बीच समस्या का सामना स्थानीय निवासियों के साथ-साथ देश दुनिया से रामलला के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को करना पड़ता है। सबसे शर्मनाक स्थिति तब होती है जब राम मंदिर के आसपास भी रामपथ लबालब हो जाता है। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि अब रामपथ पर जलभराव नहीं होगा। इसके लिए रामपथ के डिवाइडर के नीचे ड्रेनेज की नंबरिंग की जा रही है। इन सभी पॉइंट पर सफाई कर्मियों की तैनाती की जाएगी। बारिश के दौरान जालियां साफ की जाएंगी।