असम के चाय बागान से पहली बार अयोध्या पहुंचे कर्मयोगियों (श्रमिकों) का दल राम मंदिर की भव्यता और दिव्यता देखकर अभिभूत हो उठा। मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही श्रमिकों के चेहरे पर आश्चर्य और श्रद्धा का भाव स्पष्ट नजर आया। 30 सदस्यीय इस दल ने जैसे ही रामलला के दर्शन किए, वे भावविह्वल हो गए। कई श्रमिकों ने कहा कि उन्होंने केवल तस्वीरों और टीवी पर ही इस मंदिर को देखा था, लेकिन प्रत्यक्ष दर्शन का अनुभव अत्यंत अद्भुत और अविस्मरणीय रहा। मंदिर की नक्काशी, विशालता और सुव्यवस्थित परिसर ने सभी को आकर्षित किया। दर्शन के दौरान कर्मयोगी पूरे समय कौतूहल से मंदिर की संरचना और व्यवस्थाओं को देखते रहे। उन्हें विश्वास करना मुश्किल हो रहा था कि वे स्वयं इस ऐतिहासिक और भव्य मंदिर में उपस्थित हैं। मंदिर परिसर में ही श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं और अनुशासन की भी श्रमिकों ने सराहना की। दर्शन के बाद सभी ने इसे अपने जीवन का सबसे यादगार क्षण बताया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से कर्मयोगियों का सम्मान किया गया और प्रसाद भेंट किया गया।