स्वर्गीय राजेन्द्र प्रसाद पांडेय की 12वीं पुण्यतिथि पर रविवार को प्रेस क्लब सिविल लाइंस में भारतीय लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्व. पांडेय के व्यक्तित्व, सिद्धांतों और पत्रकारिता के प्रति उनके समर्पण को याद किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता निवर्तमान महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने की। मुख्य अतिथि पूर्व सांसद लल्लू सिंह और मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव रहे। इस दौरान ऋषिकेश उपाध्याय ने स्व. राजेन्द्र प्रसाद पांडेय से जुड़ा एक प्रसंग साझा करते हुए कहा कि एक समय उनके मकान मालिक ने घर खाली करने का दबाव बनाया था। उस दौर में दबंगों का प्रभाव रहता था। उन्होंने कहा कि हम लोगों ने सुझाव दिया था कि किसी प्रभावशाली व्यक्ति से कहकर मामला सुलझाया जा सकता है, लेकिन राजेन्द्र प्रसाद पांडेय ने साफ शब्दों में कहा था कि अगर किसी गुंडे से कहलवाकर मुझे रहना हो तो उससे अच्छा है मर जाना। उन्होंने कहा कि यह घटना उनके स्वाभिमान, नैतिकता और सिद्धांतों के प्रति अडिग रहने का उदाहरण है। वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में पत्रकारिता को निष्पक्षता, साहस और सामाजिक सरोकारों की जरूरत है, जिसकी मिसाल स्व. पांडेय अपने जीवन से देते रहे। कार्यक्रम में प्रेस क्लब के अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, सचिव जय प्रकाश सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।