अयोध्या: नगर के रायगंज जैन मंदिर में चल रहे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन गुरुवार को भगवान मुनिसुब्रतनाथ का जन्मकल्याणक बड़े ही हर्षोउल्लास से मनाया गया। प्रातः गणनी प्रमुख आर्यिका ज्ञानमती द्वारा भगवान के जन्म की उद्घोषणा से पूरा पंडाल वाद्य यंत्रों से गुंजायमान हो गया। इसके शची इंद्राणी ने भगवान मुनिसुब्रतनाथ को गर्भ गृह से लाकर शोधर्म इंद्र को दिया। शोधर्म इंद्र भगवान को पाकर अत्यंत भाव विभोर हो गया और वह नृत्य करने लगा। इसके बाद मंदिर से जन्मकल्याणक की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा रायगंज जैन मंदिर से भगवान को ऐरावत हाथी पर शोधर्म इंद्र द्वारा लेकर विराजमान कर नगर के विभिन्न मार्गों से होकर तुलसी भवन तक गई जिसमें बग्घी पर बैठे इंद्र,इंद्रणी व शोभायात्रा में चल रहे हजारों श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा नगर भक्तमय हो गया। शोभायात्रा पुनः रायगंज जैन मंदिर पहुची जहा पर पंडित विजय जैन भगवान को पांडुक शिला पर विराजमान कराकर जन्माभिषेक किया गया। शाम को पूजा विधान के साथ भगवान को पालना झुलाया गया। आचार्य भद्रबाहु जी महाराज व आर्यिका ज्ञानमती माता जी ने भगवान के जन्म कल्याणक की महिमा का वर्णन किया। स्वामी रविन्द्र कीर्ति के निर्देशन में कार्यक्रम आयोजित हो रहे है। कर्नाटक की जैन महिला मंडल द्वारा भाव नृत्य व नाटिका के माध्यम से लोगों को भाव विभोर कर दिया। महामंत्री अमरचंद जैन, कोषाध्यक्ष ऋषभ जैन, लल्ला जैन, मनोज जैन, पंकज जैन, योगेश जैन, नमन जैन आदि मौजूद रहे।