अयोध्या। उप निबंधक कार्यालय बीकापुर में दस्तावेज लेखकों और स्टांप विक्रेताओं के कार्य बहिष्कार के चलते पिछले चार दिनों से रजिस्ट्री का काम पूरी तरह ठप पड़ा है। इससे जमीन की खरीद-फरोख्त के लिए आने वाले लोगों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है, वहीं सरकार को भी लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। सरकार द्वारा निजी संस्थाओं के माध्यम से दस्तावेजों के पंजीकरण की प्रस्तावित व्यवस्था के विरोध में सोमवार से शुरू हुआ धरना-प्रदर्शन गुरुवार को भी जारी रहा। उप निबंधक कार्यालय परिसर में धरनारत लोगों के लिए भोजन, तहरी, चाय और जलपान की व्यवस्था की गई। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के फैसले के विरोध में जमकर नारेबाजी भी की। दस्तावेज संघ के अध्यक्ष गुरु प्रसाद के नेतृत्व में दस्तावेज लेखक, स्टांप विक्रेता, अधिवक्ता, कंप्यूटर ऑपरेटर और मुंशी कार्य बहिष्कार में शामिल रहे। गुरु प्रसाद ने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने से प्रदेश भर में इस क्षेत्र से जुड़े लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी और रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा। दस्तावेज लेखक विनय पांडेय ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित व्यवस्था से पंजीकरण प्रक्रिया सरल होने के बजाय और जटिल हो जाएगी तथा भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता, बैनामा लेखक, स्टांप विक्रेता, कंप्यूटर ऑपरेटर और मुंशी जैसे लाखों लोग बेरोजगार हो सकते हैं। धरने में गुरु प्रसाद, विनय पांडेय, विजय कुमार निषाद, पवन मिश्रा, पीयूष भट्ट, राधेश्याम राय, कन्हैयालाल, वीरेंद्र शर्मा, उमेश चंद्र तिवारी, रविशंकर त्रिपाठी, चंद्रजीत यादव, दीप नारायण शुक्ला सहित बड़ी संख्या में दस्तावेज लेखक, अधिवक्ता, स्टांप विक्रेता और सहायक कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर पंजीकरण कार्य से विरत रहते हुए आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया।