दीपावली से पहले रामनगरी के संत समाज की ओर से बड़ा ऐलान किया गया है। संतों ने सनातन धर्म के अनुयायियों से अपील की है कि वे पूजन सामग्री और अन्य सामान केवल सनातनी व्यापारियों से ही खरीदें। संतों का कहना है कि कुछ कट्टरपंथी विचारधाराएं सनातन धर्म के विरोध में हैं और वे धर्म भ्रष्ट करने की कोशिश करती हैं। इसलिए हर सनातनी को अपने धर्म के हित में निर्णय लेना चाहिए। दीपावली के मौके पर यह बयान ऐसे समय में आया है, जब बाजारों में खरीदारी का दौर चरम पर है। संतों ने कहा कि यह किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि सनातन धर्म की रक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम है। हालांकि, शहर में इस अपील को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे धार्मिक जागरूकता बता रहे हैं, तो कुछ सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की बात कर रहे हैं।