डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में अव्यवस्था के विरोध में मूल्यांकन कर रहे नाराज शिक्षकों ने धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान एक मांग पत्र परीक्षा नियंत्रक विनय कुमार सिंह को सौंपा। अवध विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. जन्मेजय तिवारी बताया कि मूल्यांकन केंद्र पर अव्यवस्थाओं का अंबार है। मूल्यांकन व्यवस्थाओं का प्रभार देख रहे शिक्षक का कार्य व्यवहार शिक्षकों के प्रति अच्छा नहीं है। शिक्षक प्रतिनिधियों तक के फोन भी रिसीव नहीं करते। विश्वविद्यालय की छवि को धूमिल कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में मूल्यांकन कार्य से उन्हें अवमुक्त कर किसी और को इस मूल्यांकन कार्य की देखरेख के लिए नियुक्त किया जाए। डॉ. तिवारी ने बताया कि कुछ विषय में बाहर के परीक्षक को बिना आपसी सहमति के बुलाकर मूल्यांकन कराया जा रहा है, जो ठीक नहीं है। जिन महाविद्यालय में जो परस्नातक विषयों की कक्षाएं विगत पांच वर्षों से संचालित हैं, वहां के ऐसे परीक्षकों को जो परस्नातक के विषयों में कक्षाएं ले रहे हैं, उन्हें प्राचार्य की ओर से निर्गत अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर मूल्यांकन करने दिया जाए। उन्होंने बताया कि नए कुलपति के आने के बाद व्यवस्थाएं यहां सुधरी हैं लेकिन कुछ ऐसे कर्मचारी हैं, जो व्यवस्थाओं को खराब करने में लगे हैं। जो कर्मचारी व्यवस्थाओं को खराब करने में लगे हैं, उनको चिन्हित करके यहां से हटाया जाए और उनकी जगह दूसरे लोगों को जिम्मेदारी दी जाए।