यूपी के अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयानों पर करारा पलटवार किया है। सांसद ने बीजेपी, भाषा, मंदिर-मस्जिद विवाद, आरक्षण और जनसंख्या जैसे तमाम मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। मोहन भागवत के बीजेपी अध्यक्ष चुनने संबंधी बयान पर सपा सांसद ने कहा कि यह बीजेपी का अंदरूनी मामला है। समाजवादी पार्टी किसी भी दल के निजी मसलों में हस्तक्षेप नहीं करती, हमारी अलग विचारधारा है और हम उसी पर टिके हैं। भाषा पर दिए गए बयान पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है लेकिन भारत की असली ताकत उसकी विविधता है। हर राज्य की अपनी भाषा और संस्कृति है और यही हमारी एकता का आधार है।काशी और मथुरा विवाद को लेकर उन्होंने कहा कि कोई भी तीर्थ स्थल किसी एक जाति या धर्म का नहीं होता। सबकी अपनी आस्था होती है और धर्मग्रंथों के अनुसार पूजा-पाठ की परंपराओं में बदलाव की कोई जरूरत नहीं है। घुसपैठ पर सांसद का कहना था कि अगर वाकई घुसपैठ हो रही है तो उसे रोकना सरकार की जिम्मेदारी है। केंद्र और राज्य की सरकारों को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए कि घुसपैठ पर रोक लगे। जनसंख्या के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह कोई बड़ी समस्या नहीं है। प्रकृति खुद इसे नियंत्रित करती है। असली समाधान रोजगार और लघु उद्योग बढ़ाने में है। हम अर्थशास्त्र के विद्यार्थी रहे हैं और यह पढ़ा है।आरक्षण के सवाल पर सांसद ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकारी संस्थाओं को निजी हाथों में बेचा जा रहा है, जिससे आरक्षण अप्रत्यक्ष रूप से खत्म हो रहा है। यह कमजोर वर्गों के साथ अन्याय है। डेमोग्राफी और समाज को बांटने पर सांसद ने कहा कि असल में समाज को बांटने का काम संघ के लोग कर रहे हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इन कोशिशों पर रोक लगा दी है।