पाकिस्तान पर भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर प्रेरित होकर अयोध्या में वन रेंज कुमारगंज में अनूठी पहल की गई है। यहां पहली बार सिंदूर के पौधे (बिक्सा ओरेलाना) की नर्सरी स्थापित की गई है। इसमें 500 पौधे तैयार किए गए हैं। यह पौधा न केवल सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह पर्यावरण और औषधीय दृष्टि से भी अत्यंत उपयोगी है। डीएफओ प्रखर गुप्त ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और इसके प्रतीकात्मक महत्व ने उन्हें इस पौधे की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। यह पौधा, जिसे कुमकुम ट्री या कमिला ट्री के नाम से भी जाना जाता है, अपने फलों से प्राकृतिक लाल रंग प्रदान करता है। इस रंग को पारंपरिक रूप से सिंदूर या कुमकुम के रूप में उपयोग किया जाता है, जो हिंदू संस्कृति में सुहाग और आस्था का प्रतीक है। डीएफओ ने आगे बताया कि हमारा उद्देश्य सेना के मनोबल को बढ़ाना और सम्मान देना है। कुमारगंज की इस नर्सरी में पहली बार 500 सिंदूर के पौधे तैयार किए गए हैं। इन पौधों को उगाने के लिए विशेष देखभाल की गई है। इसमें उचित मिट्टी, जलवायु, और जैविक खाद का उपयोग शामिल है। यह पौधा गर्म और नम जलवायु में अच्छी तरह उगता है। दोमट या बलुई मिट्टी इसके लिए उपयुक्त होती है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य आने वाले समय में इन पौधों की संख्या को और बढ़ाना है। अगले कुछ वर्षों में हम नर्सरी में हजारों पौधे तैयार करने की योजना बना रहे हैं। यह न केवल पर्यावरण को लाभ पहुंचाएगा बल्कि स्थानीय किसानों के लिए भी आय का एक नया स्रोत बनेगा। सिंदूर का पौधा छावनी क्षेत्र में बन रहे शौर्य वन में भी लगाया जाएगा।