अयोध्या स्थित राम मंदिर में दूसरी प्राण प्रतिष्ठा के बाद रामलला व राजा राम के साथ मां सीता और तीनों भाइयों के लिए पहले रक्षाबंधन का त्योहार अति विशिष्ट और ऐतिहासिक हुआ। रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर भगवान श्रीराम की बहन शांता की तरफ से शृंगी ऋषि सेवा संस्थान ने भगवान रामलला और उनके अनुज के लिए राखी भेंट की है। श्रावण शुक्ल पूर्णिमा के शुभ मुहूर्त पर सभी विग्रहों को बड़ी बहन शांता की ओर से मधुबनी शैली में बनी जरी और मोतियों की राखियां राम मंदिर ट्रस्ट को भेंट की गई हैं, जो शनिवार को बांधी जाएगी। यह राखियां महाराष्ट्र के मशहूर कारीगर शत्रुघ्न राखी वाला ने बनाई है। इसके साथ लखनऊ में केले के रेशे से भी राखी बनाई गई है, जो रामलला और राजा राम को भेंट की गई है। जिले में श्रृंगी ऋषि आश्रम से छठवें श्री रामलला रक्षाबंधन महोत्सव के तहत चार दिवसीय आयोजन संपन्न हुआ। इसके बाद शोभायात्रा श्रृंगी ऋषि आश्रम से अयोध्या के कार सेवकपुरम पहुंची। मान्यता है कि पुत्रेष्ठ यज्ञ के मूर्धन्य आचार्य श्रृंगी ऋषि का विवाह चक्रवर्ती महाराज दशरथ की पुत्री देवी शांता के साथ हुआ था। इस कारण से रक्षाबंधन पर पर देवी शांता की ससुराल से प्रभु श्री राम और उनके अनुजों के लिए रक्षा सूत्र कारसेवक पुरम भेजा गया है।