अयोध्या में नगर निगम के करीब 2200 सफाई कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में धरने पर बैठ गए। उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के बैनर तले बड़ी संख्या में आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों ने नगर निगम परिसर में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का आरोप है कि नवनियुक्त ठेकेदार की ओर से कार्यस्थलों पर अनियमितता बढ़ गई है। मनमानी, उत्पीड़न, वेतन में कटौती और भुगतान में देरी जैसी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं, जिसके कारण कर्मचारियों को मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। धरने के दौरान निगम परिसर में आम सभा की बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश उपाध्यक्ष विनय बाघमार, प्रदेश महामंत्री रमाकांत मिश्र और प्रदेश अध्यक्ष शशि कुमार मिश्र समेत संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। नेताओं ने कर्मचारियों की व्यथा सुनी और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचा कर तत्काल समाधान की दिशा में पहल की जाएगी। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक ठेकेदार की मनमानी पर रोक नहीं लगती और वेतन व कार्यस्थितियां सुचारू नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उधर, धरने के कारण शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने लगे हैं, जिससे आम नागरिकों की चिंता बढ़ गई है।