अयोध्या: जिला जेल से फरार हुए बंदी शेर अली को यूपी एसटीएफ ने करीब नौ माह बाद दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर अयोध्या लाया गया और जिला जेल में दाखिल करा दिया गया। इस मामले में फरार दूसरे बंदी गोलू अग्रहरि उर्फ सूरज अग्रहरि की तलाश जारी है। सुल्तानपुर जिले का निवासी शेर अली हत्या के प्रयास के मामले में जेल में निरुद्ध था। वह 28 जनवरी 2026 की रात अमेठी निवासी गोलू अग्रहरि के साथ जिला जेल की विशेष सुरक्षा बैरक से फरार हो गया था। दोनों बंदियों के फरार होने की जानकारी अगले दिन सुबह नियमित गिनती के दौरान हुई। बैरक की दीवार से ईंटें निकालकर हुए थे फरार प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि दोनों बंदियों ने अपनी कोठरी की पिछली दीवार में लगे जंगले के आसपास से ईंटें निकालकर रास्ता बनाया था। इसके बाद कपड़ों और कंबलों को जोड़कर रस्सी तैयार की और जेल की ऊंची चारदीवारी पार कर फरार हो गए। जांच में यह भी सामने आया कि जेल की बाहरी दीवार की निगरानी करने वाले चार सीसीटीवी कैमरे घटना के दौरान करीब 16 घंटे तक बंद थे। इस चूक को जेल की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही माना गया। जेल अधीक्षक समेत कर्मचारियों पर हुई थी कार्रवाई घटना के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। मामले की जांच के आधार पर जेल अधीक्षक, जेलर, डिप्टी जेलर और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन समेत विभागीय कार्रवाई की गई। बाद की रिपोर्टों में कार्रवाई के दायरे में कुल 15 अधिकारियों और कर्मचारियों के आने का उल्लेख किया गया। अब गोलू अग्रहरि की गिरफ्तारी पर नजर शेर अली की गिरफ्तारी के बाद अब गोलू अग्रहरि की तलाश अहम हो गई है। गोलू अमेठी जिले के मुसाफिरखाना क्षेत्र का निवासी है।दोनों बंदियों के फरार होने के बाद पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों ने उनकी तलाश के लिए अभियान चलाया था।