ज्योतिषपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विशेष प्रतिनिधि देवेंद्र पांडेय (गोप) सोमवार को अयोध्या पहुंचे। उन्होंने कंचन भवन में पत्रकारों से बात करते हुए भाजपा सरकार की हिंदुत्व नीति और संत समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सवाल उठाएं। कहा कि सरकार को संतों और शंकराचार्यों से जुड़े मामलों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में स्वयंभू धार्मिक पदों की घोषणाएं और परंपराओं के विपरीत आचरण बढ़ रहा है, जिस पर सरकार को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने विभिन्न धार्मिक पदों पर नियुक्तियों और कथित विवादों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन विषयों पर संत समाज और शासन को पारदर्शिता के साथ स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। देवेंद्र पांडेय ने गोहत्या के मुद्दे को भी उठाते हुए कहा कि गो संरक्षण और गोहत्या पर सख्त नीति लागू करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। आरोप लगाया कि कई राज्यों में गोहत्या से जुड़े मामलों और मंदिरों से संबंधित निर्णयों पर सरकार की चुप्पी सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गंगा की अविरलता, रामसेतु संरक्षण, धार्मिक परंपराओं की रक्षा और गोसंरक्षण जैसे मुद्दों पर लगातार आंदोलन और यात्राएं की हैं। उनके अनुसार शंकराचार्य ने देशभर में गोधाम निर्माण और धर्म से जुड़े विषयों पर जागरूकता के लिए भी अभियान चलाए हैं। देवेंद्र पांडेय ने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े संदर्भों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में शंकराचार्य परंपरा की भूमिका रही है और धर्म की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास किए जाते रहे हैं। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती सत्य और धर्म की रक्षा के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं। इसी कारण वे कई विरोधों के निशाने पर हैं। विभिन्न आरोपों और विवादों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सत्य सामने आ सके।