मानव सेवा संस्थान के चौकपुरी स्थित कार्यालय पर श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथाव्यास नितिन भारद्वाज ने प्रसंग सुनाया कि हमारा कर्म करने का अधिकार है। फल ईश्वर देते हैं। शुक्रवार को कथाव्यास ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा में मनुष्य को किस तरह अपना जीवन व्यतीत करना चाहिए, पूरा निचोड़ है। भगवान श्रीकृष्ण ने कर्म करने पर जोर दिया है। जो मनुष्य अपना कर्म करता है, उसे जिंदगी में कभी निराशा का सामना नहीं करना पड़ता। जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।