पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार चौथी बार बढ़ोतरी होने से जिले में लोगों का गुस्सा बढ़ने लगा है। बढ़ती महंगाई के बीच अब पेट्रोल 102.86 रुपये प्रति लीटर और डीजल 96.24 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। ईंधन के दाम बढ़ने से आम लोगों का बजट बिगड़ गया है और इसका असर रोजमर्रा की जरूरतों पर भी दिखाई देने लगा है। गौरीगंज स्थित पेट्रोल पंप पर मंगलवार को वाहन चालकों में बढ़े दामों को लेकर चर्चा होती रही। कुंडा गांव के राजेश्वर पाल ने कहा कि “हर दिन पेट्रोल के दाम बढ़ रहे हैं, आखिर शिकायत किससे करें। महंगाई पर कोई अंकुश नहीं दिखाई दे रहा है।” उनका कहना था कि ईंधन महंगा होने से खेती-किसानी से लेकर सफर तक हर खर्च बढ़ गया है। नंद महार के उदयभान ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है। बड़े लोगों पर शायद इसका असर न दिखे, लेकिन मजदूरी और छोटे रोजगार करने वालों के लिए घर चलाना मुश्किल होता जा रहा है। वहीं मऊ निवासी राजेश मिश्रा ने कहा कि सरकार छोटे तबके के लोगों की परेशानियों को नजरअंदाज कर रही है। पेट्रोल और डीजल महंगा होने से सब्जी, राशन, परिवहन और निर्माण सामग्री तक की कीमतें बढ़ रही हैं। लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई ने रसोई से लेकर सड़क तक असर डाला है। वाहन चालकों के साथ व्यापारी और किसान भी बढ़ती कीमतों से परेशान नजर आ रहे हैं।