अमेठी। विकास भवन सभागार में बुधवार को किसान दिवस की बैठक में किसानों ने खेती से जुड़ी समस्याओं के साथ बिजली, खाद और पशुपालन विभाग की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। किसानों ने कहा कि बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन के बाद कई जगह केवल खंभा लगाया गया है, लेकिन तार और इंसुलेटर नहीं लगाए गए। आरोप लगाया कि इनकी व्यवस्था के लिए आवेदक से ही खर्च लिया जाता है। किसानों ने लंबित कनेक्शन पूरे कराने और शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण कराने की मांग की। बैठक में 11 हजार वोल्ट की लाइन की जर्जर स्थिति का मामला भी प्रमुखता से उठा। किसानों ने बताया कि जगदीशपुर में फैजाबाद रोड के कला सेक्टर के पास लाइन दुर्घटना का खतरा बनी है। इस संबंध में बिजली अधिकारियों से कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। किसानों ने जर्जर तारों को दुरुस्त कराने की मांग की। यूरिया की किल्लत और वितरण व्यवस्था पर भी किसानों ने नाराजगी जताई। शाहगढ़ क्षेत्र में खाद उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। चंदौकी में खाद वितरण को लेकर भी समस्या बताई गई। किसानों ने आरोप लगाया कि थोक विक्रेताओं को यूरिया देते समय उसके साथ अन्य सामग्री लेने का दबाव बनाया जाता है। उन्होंने पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराने और वितरण व्यवस्था पारदर्शी बनाने की मांग की। किसानों ने छुट्टा पशुओं से फसलों को हो रहे नुकसान और आवागमन में आ रही दिक्कतों का मुद्दा भी उठाया। सराय भागमानी में रमण अग्रहरी के घर से रोता सह तक रास्ते में आवारा पशुओं के कारण परेशानी की शिकायत की गई। किसानों ने गोशालाओं में रखे पशुओं की भी टैगिंग कराने तथा ग्रामवार संख्या दर्ज करने की मांग की। पशु चिकित्साधिकारियों ने खुरपका-मुंहपका टीकाकरण अभियान की जानकारी देते हुए पशुओं का पंजीकरण और ईयर टैगिंग अनिवार्य बताया। किसानों ने गांववार टीकाकरण रोस्टर तैयार कर पंचायत भवनों पर चस्पा कराने की मांग की। बैठक में स्वदेशी गायों के लिए मिनी नंदिनी योजना समेत पशुपालन विभाग की योजनाओं पर भी चर्चा हुई। बैंक की बीमा संबंधी गोष्ठी की सूचना किसानों को समय से नहीं मिलने की शिकायत भी उठी। मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू और कृष्णा निदेशक सत्येंद्र तिवारी ने किसाने की सुनवाई करते हुए निस्तारण का आश्वासन दिया।